जुड़वा गर्भावस्था में स्वस्थ रहने के तरीके

जुड़वा गर्भावस्था में स्वस्थ रहने के तरीके

  • जुड़वा गर्भावस्था के दौरान सक्रिय रहें।
  • डॉक्टर की सलाह अनुसार ही चलें।
  • पेट के बढ़ते साइज को देख चिंता ग्रस्त ना हो।
  • जरूरत पड़ने पर मदद लेने से ना कतराएं।
    जुड़वां गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को थोड़ा ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। इस दौरान उन पर दो नहीं तीन लोगों की जिम्‍मेदारी होती है। आइए जानें जुड़वा गर्भावस्था के दौरान किस तरह स्वस्थ रहा जा सकता है।

कैलोरी का रखें खयाल
कई महिलायें सोचती हैं कि इस दौरान उन्हें तीन लोगों के लिए खाना है, जबकि ऐसा नहीं होता है। जुड़वां गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को तीन लोगों के लिए खाना खाना चाहिए। इस दौरान महिलाओं को अतिरिक्त 600 कैलोरी चाहिए होती है। दिन में पांच से सात बार फलों और सब्जियों का सेवन करें। इसके साथ दिन भर में लीन प्रोटीन का सेवन करें इससे आप हाइपोग्लाइसिमिया से बचेंगी। इसके साथ फोलिक एसिड और आयरन के स्रोत लेना ना भूलें। 

पेट का साइज देखकर चिंताग्रस्त ना हों
कई बार महिलाएं गर्भावस्था के दौरान अपने पेट का साइज देखकर चिंताग्रस्त हो जाती हैं जो कि ठीक नहीं है। अपने पेट के आकार की अन्य गर्भवती महिलाओं के पेट के साथ तुलना ना करें क्योंकि आपके पेट का आकार आपके बॉडी टाइप या आप पहले कितनी बार मां बन चुकी हैं पर निर्भर करता है। इसलिए इसे लेकर चिंताग्रस्त ना हो और अगर मन में कोई भी सवाल हो तो डॉक्टर से पूछें।

सक्रिय रहें
जुड़वा गर्भावस्था में गर्भावधि मधुमेह होने की आशंका बनी रहती है। जिसकी वजह से सिजेरियन का खतरा बना रहता है। इसलिए आप जितना ज्यादा एक्टिव रह सकती हैं रहें। कई बार कुछ महिलाओं को किसी समस्या के कारण बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है लेकिन अगर कोई समस्या नहीं है तो आप खुद को एक्टिव रखने की पूरी कोशिश करें। इससे मासंपेशियों का लचीलापन बढ़ता जिससे गर्भावधि मधुमेह का खतरा कम होता है।

करवट लेकर सोएं
आम गर्भावस्था में महिलाओं को बीसवें हफ्ते में करवट लेकर सोने की सलाह दी जाती है लेकिन जुड़वा गर्भावस्था में सोलवें हफ्ते में ही इसकी शुरुआत कर देनी चाहिए। यूट्रस के बढ़ने से रक्त धमिनयों पर दबाव पड़ता है जिससे हृदय तक रक्त संचार नहीं हो पाता है जिससे आप कमजोर और थकान महसूस करती है।

समय से पहले तैयार रहें
ज्यादातर जुड़वा गर्भावस्था में डिलवरी 37 हफ्ते के पहले ही हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि समय से पहले डिलवरी के लिए तैयार रहें। आपके घर में जो भी रस्में हैं जैसे गोदभराई आदि इसे पहले ही संपन्न करने की कोशिश करें। इसके अलावा बच्चें के आने से जुड़ी तैयारियों को भी जल्द से जल्द खत्म कर लें।

मदद लेने से ना कतराएं
यह अच्छी बात है कि आप किसी से मदद नहीं लेना चाहती हैं लेकिन अगर कोई खुद आगे बढ़कर आपकी मदद करना चाहे तो उन्हें मना ना करें। उनकी मदद को स्वीकार करना चाहिए। अगर आपके कोई रिश्तेदार, पड़ोसी या दोस्त आपकी किसी भी तरह की मदद जैसे घर के काम, खाना बनाने या अन्य कोई मदद करना चाहते हैं तो उन्हें मना ना करें।   

इन सब बातों का खयाल रखकर आप गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्‍चों का अच्‍छी तरह खयाल रख पाएंगी। अधिक जानकारी के लिए चैतन्य हॉस्पिटल आइए।